Mansa Devi Temple Haridwar Ropeway Ticket Price December 2025

Mansa Devi Temple Haridwar Ropeway Ticket Price December 2025

भाई-बहनो, हरिद्वार की पावन धरती पर स्थित Mansa Devi Ropeway लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का सहारा है, खासकर हम उत्तर भारत वालों के लिए जो कान्हा-कान्हा चढ़ाई चढ़कर मां के दर्शन करने जाते हैं। यह रोपवे सालों से सुरक्षित और आसान यात्रा देता आ रहा है, लेकिन 2025 में टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों ने सबको परेशान कर दिया। जून में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने शर्तों को इतना ढीला बताया कि रोपवे का अनुभव न रखने वाली कंपनियां भी बोली लगा सकती थीं, जिससे यात्रियों की जान को खतरा था। नतीजन हरिद्वार नगर निगम को टेंडर रद्द करना पड़ा, और स्थानीय लोग-नेता-मंदिर ट्रस्ट सब नाराज हो गए। आज 18 दिसंबर 2025 को भी यह मामला चर्चा में है।

दोस्तों, बाद में सितंबर में नया टेंडर निकाला गया जिसमें 5 साल अनुभव जरूरी किया, मगर फिर अचानक रद्द कर दिया गया, जिससे नवरात्रि जैसे मौके पर श्रद्धालुओं की दिक्कत बढ़ गई। Tender Controversy ने प्रशासन पर भ्रष्टाचार के सवाल उठाए, और High Court Intervention ने साफ दिखाया कि सुरक्षा से समझौता नहीं चलेगा। हम जैसे आम लोग तो बस यही चाहते हैं कि मां मनसा देवी के दर्शन बिना किसी डर के हो सकें, और रोपवे फिर जल्दी शुरू हो। आखिर हमारी आस्था और सुरक्षा सबसे ऊपर है ना!

मानसा देवी रोपवे टेंडर में हाईकोर्ट की टिप्पणी ने खोली प्रशासन की पोल

भाई लोगो, हमारे उत्तराखंड के हरिद्वार में का वो टेंडर याद है ना, जो इतना बवाल मचा रहा था? Uttarakhand High Court ने तो प्रशासन की ऐसी क्लास ली कि सबकी आंखें खुल गईं, क्योंकि टेंडर में पारदर्शिता की भारी कमी थी और प्रक्रिया में इतनी खामियां कि हाईवे या अस्पताल बनाने वाली कंपनियों को भी बोली लगाने की इजाजत दे दी गई। कोर्ट ने इसे सीधे-सीधे लोगों की जान से खिलवाड़ बताया, क्योंकि बिना रोपवे विशेषज्ञता के बड़ा हादसा हो सकता था, और रिसर्च से पता चलता है कि जून 2025 में कोर्ट ने सेफ्टी रिस्क्स पर सख्ती से रोक लगाई। अब ये फैसला पूरे प्रोजेक्ट की समीक्षा के लिए मजबूर कर रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां न हों और हमारे तीर्थयात्री सुरक्षित रहें।

अरे हां, इस High Court की डांट के बाद हरिद्वार नगर निगम ने फटाफट टेंडर रद्द कर दिया, वो भी कोर्ट के अंतिम आदेश से पहले, जो दिखाता है कि प्रशासन अब जाग गया है। लेकिन इस देरी और बदलावों से लोकल लोगों में काफी गुस्सा है, क्योंकि रोजाना हजारों श्रद्धालु मां मानसा देवी के दर्शन के लिए रोपवे इस्तेमाल करते हैं और सेफ्टी सबसे जरूरी है। रिसर्च बताती है कि अब नई बोली प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं, ताकि पारदर्शी और एक्सपर्ट कंपनियां ही शामिल हों। उम्मीद है कि ये कदम हमारे इलाके की धार्मिक पर्यटन को मजबूत बनाएगा, और हम सब मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाएं जहां अपनापन और सुरक्षा साथ-साथ चले।

Mansa Devi Temple Haridwar Ropeway Ticket Price December 2025

मेयर और पार्षदों ने लगाए गंभीर आरोप

भाईयो और बहनो, हमारे हरिद्वार में Mansa Devi Ropeway के टेंडर को लेकर जो बवाल चल रहा है, उसमें अब मेयर किरण जैसल ने पूर्व नगर आयुक्त पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं। रिसर्च से पता चलता है कि नई मेयर के आने के बाद बिना बोर्ड की मंजूरी के Eligibility Criteria को मनमाने तरीके से कमजोर कर दिया गया, ताकि चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा सके। मेयर ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण बताया, क्योंकि इससे लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा था। ये आरोप जून 2025 में हाईकोर्ट की फटकार के बाद और तेज हो गए, जहां कोर्ट ने भी सेफ्टी रिस्क्स पर सवाल उठाए थे।

अरे वाह, पार्षद राजेश शर्मा ने भी मेयर का पूरा साथ देते हुए पुरानी टेंडर शर्तों को वापस लाने की मांग की है, और IIT Roorkee जैसे एक्सपर्ट्स को समिति में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने साफ कहा कि केवल अनुभवी रोपवे कंपनियों को ही बोली का मौका मिलना चाहिए, ताकि कोई हादसा न हो। इन आरोप-प्रत्यारोपों से लोकल राजनीति में खूब हलचल मच गई है, और सबकी नजर अब नई प्रक्रिया पर है। उम्मीद करें कि हमारा अपनापन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे ऊपर रहे, क्योंकि मां मानसा देवी के दर्शन सबके लिए आसान और सुरक्षित होने चाहिए।

मंदिर ट्रस्ट ने जताई यात्रियों की सुरक्षा की चिंता


भाईयो और बहनो, हमारे हरिद्वार की Mansa Devi Ropeway को लेकर मंदिर ट्रस्ट ने भी अपनी आवाज बुलंद कर दी है, जहां महंत रविंद्र पुरी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर श्रद्धालुओं की Safety Standards की बड़ी चिंता जताई। रिसर्च से पता चलता है कि 1981 से Usha Breco जैसी विशेषज्ञ कंपनी ही रोपवे चला रही है, और ट्रस्ट का कहना है कि इन्हीं अनुभवी कंपनियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, वरना दूसरी क्षेत्रों की कंपनियां शामिल होने से सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। लाखों यात्री मां के दर्शन के लिए आते हैं, और ट्रस्ट ने साफ अपील की कि यात्रियों की जान सबसे ऊपर है। ये कदम जून 2025 में टेंडर रद्द होने के बाद और जरूरी हो गया, ताकि कोई हादसा न हो।

अरे हां, ये मांग इसलिए भी अहम है क्योंकि नवरात्रि और कांवड़ मेले में रोपवे पर भारी भीड़ उमड़ती है, और जरा सी तकनीकी खामी से बड़ा हादसा हो सकता है, जैसा कि रिसर्च में देवघर जैसी घटनाओं से सबक मिला। ट्रस्ट की इस सक्रियता से सरकार पर दबाव बढ़ गया है, और अब सब यही चाहते हैं कि नई प्रक्रिया में केवल योग्य और अनुभवी कंपनियां ही आएं। उम्मीद करें कि हमारा अपनापन और मां मानसा देवी की कृपा से सबकुछ सुरक्षित और पारदर्शी हो, क्योंकि ये रोपवे हमारे तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का बड़ा सहारा है।

नई टेंडर प्रक्रिया और भविष्य की उम्मीदें

भाईयो और बहनो, अच्छी खबर है कि हमारे Mansa Devi Ropeway के लिए नगर आयुक्त नंदन कुमार ने साफ कहा है कि नया New Tender जल्द ही जारी होगा, जिसमें कम से कम Five Years का रोपवे अनुभव रखने वाली कंपनियों को ही मौका मिलेगा। रिसर्च से पता चलता है कि जून 2025 में हाईकोर्ट की फटकार के बाद पुराना टेंडर रद्द हुआ था, और अब पुरानी कमेटी की सिफारिशों को ध्यान में रखकर पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाएगी। इससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विशेषज्ञता दोनों मजबूत होंगी, क्योंकि रोपवे जैसे काम में अनुभव सबसे जरूरी है। उम्मीद है कि ये कदम हमारे हरिद्वार की धार्मिक यात्रा को और सुरक्षित बनाएगा, जहां लाखों लोग मां के दर्शन के लिए आते हैं।

अरे हां, विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि रोपवे प्रोजेक्ट में तकनीकी ज्ञान के बिना सामान्य निर्माण कंपनियां जोखिम बढ़ा सकती हैं, जैसा कि देवघर हादसे से सबक मिला। नई प्रक्रिया से सारे विवाद खत्म होने की उम्मीद है, और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी, खासकर नवरात्रि और कांवड़ मेले की भीड़ में। सरकार को इस मौके से लोगों का विश्वास वापस जीतना चाहिए, ताकि हमारा अपनापन और मां मानसा देवी की कृपा से रोपवे का सफर हमेशा आसान और सुरक्षित रहे। सब मिलकर दुआ करें कि जल्द ही सब ठीक हो जाए।

निष्कर्ष

मानसा देवी रोपवे टेंडर रद्द होने की घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सार्वजनिक project में सुरक्षा और पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जा सकता। कोर्ट की दखल, स्थानीय नेताओं के आरोप और मंदिर ट्रस्ट की चिंता से साफ है कि प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनना होगा। यह मामला हमें सोचने पर मजबूर करता है कि धार्मिक स्थलों की सुविधाओं में राजनीति या लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है।

अंत में, नई टेंडर प्रक्रिया से उम्मीद की जानी चाहिए कि केवल योग्य कंपनियां ही चुनी जाएंगी। इससे न केवल यात्रियों की safety सुरक्षित रहेगी, बल्कि हरिद्वार जैसे पवित्र स्थल की गरिमा भी बनी रहेगी। सरकार और प्रशासन को इस घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसी गलतियां दोहराने से बचना चाहिए।

FAQs

Q.1: मानसा देवी रोपवे क्या है?
Ans: ये हरिद्वार में मां मानसा देवी मंदिर तक जाने का Udan Khatola (रोपवे) है, जो 1981 से चल रहा है। लाखों श्रद्धालु, खासकर बुजुर्ग और बच्चे, इससे आसानी से ऊपर पहुंचते हैं।

Q.2: रोपवे का टेंडर विवाद क्यों हुआ?
Ans: टेंडर में Eligibility Criteria को बदलकर गैर-विशेषज्ञ कंपनियों (जैसे हाईवे या अस्पताल बनाने वाली) को भी मौका दिया गया, जिससे सुरक्षा का खतरा बढ़ा।

Q.3: हाईकोर्ट ने क्या कहा?
Ans: Uttarakhand High Court ने 2025 में सख्ती दिखाई और इसे जान से खिलवाड़ बताया, पारदर्शिता की कमी पर टेंडर प्रक्रिया की समीक्षा कराई।

Q.4: टेंडर रद्द क्यों हुआ?
Ans: हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद हरिद्वार नगर निगम ने 2025 में टेंडर रद्द कर दिया, ताकि सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

Q.5: पहले रोपवे कौन चलाता था?
Ans: Usha Breco कंपनी 1981 से चलाती रही है, और मंदिर ट्रस्ट ने इन्हें प्राथमिकता देने की मांग की क्योंकि इनका अनुभव सबसे ज्यादा है।

Q.6: नया टेंडर कब आएगा?
Ans: नगर आयुक्त ने कहा है कि नया टेंडर जल्द जारी होगा, जिसमें कम से कम Five Years रोपवे अनुभव जरूरी होगा।

Q.7: मेयर और ट्रस्ट ने क्या कहा?
Ans: मेयर किरण जैसल ने पुराने बदलावों पर आरोप लगाए, जबकि ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अनुभवी कंपनी की वकालत की।

Q.8: रोपवे अभी बंद है क्या?
Ans: नहीं, अभी चल रहा है। लेकिन नवरात्रि और कांवड़ मेले में भारी भीड़ होती है, इसलिए नई प्रक्रिया से सुरक्षा और मजबूत होगी।

Q.9: मंदिर कैसे पहुंचें?
Ans: रोपवे से या पैदल चढ़ाई से। टिकट काउंटर या ऑनलाइन मिलता है, और ऊपर से गंगा का नजारा कमाल का है।

Q.10: भविष्य में क्या उम्मीद है?
Ans: नई पारदर्शी प्रक्रिया से विवाद खत्म होंगे, रोपवे और सुरक्षित बनेगा, और मां के दर्शन सबके लिए आसान रहेंगे। मां की कृपा से सब ठीक हो जाएगा!

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